मातृत्व

नवजात शिशु को जन्म के पश्चात, पहली बार अपनी गोद में लेते समय उस नईनवेली माँ की आँखों से आंसुओं की धारा बह निकली … अश्रु सुख के थे, समाधान के थे, प्रसव वेदना के उपरांत थकान के थे , और सबसे ज़्यादा , जिस जीव से उसका नौ महीने का संबंध था , उसे प्रथमत: अपनी आँखों से देखने के असीम आनंद के थे ! यह एक अब तक की सबसे अलग , विस्मित कर देने वाली अनुभूति थी. 

नन्हे से शिशु के रुदन से वह पहले थोड़ी सी बेचैन ,फिर आश्वस्त हो गई, कि सब कुछ ठीक है. एक निश्चिंत, लापरवाह जीवन जीने की आदी , वह एक ही दिन में एक ज़िम्मेदार माँ बन गई ….. कैसा अद्भुत परिवर्तन हो जाता है!! वह जो रात को घोड़े बेच कर सोया करती थी , अब शिशु की एक छींक से जाग जाती है और शायद हमेशा के लिए उस निश्चिंत नींद को तिलांजलि दे देती है….

जैसे जैसे शिशु बड़ा होता जाता है, उसके व्यवहार में भी बदलाव आता जाता है. प्रेम, अनुराग, वात्सल्य, भय , क्रोध, शंका , सारे भाव समय समय पर उमड़ते रहते हैं .

वह एक गृहणी हो, बहु हो या फिर एक करियर वुमन , उसके जीवन का केंद्र बिंदु हमेशा उसका बालक ही होता है. 

कहते हैं कि माँ के ह्रदय की गहराई कोई नाप नहीं सकता !! वह एक अथाह सागर की भाँति होती है जिसमें प्रेम का तरंगें उठती रहती हैं. कभी-कभी वह रौद्र रूप भी ले लेती है , कभी कठोर भी बन जाती है, और कभी अपने बच्चों के हित के लिए  उनकी दृष्टि में निंद्य और दुष्ट भी बन जाती है, परन्तु अपने बच्चों का हित ही सर्वप्रथम रखती है. 

जैसे जैसे बालक बड़ा होता जाता है  माँ के प्रेम का स्वरूप भी बदलता जाता है, किन्तु हर समय केन्द्र बिंदु उनका हित ही होता है.

अपने ख़ुद पर हुए संस्कारों , अपने वातावरण और परिस्थितियों के अनुरूप वह अपने इस दायित्व को पूरा करने का प्रयास करती है. दुनिया का सबसे कठिन कार्य, अपने बच्चों को सही दिशा दिखाना, उन्हें एक स्वस्थ, ज़िम्मेदार और अच्छा मानव बनाना, यही उसका ध्येय होता है. सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इस कार्य के लिये कोई भी operating manual नहीं मिलता …..

उसकी उम्र चाहे जो हो , सामाजिक दृष्टि से उसकी पद , प्रतिष्ठा, परिस्थिति जैसी भी हो, चाहे वह संपन्न अथवा गरीब परिवार से हो, एक माँ के मन की भावनाएँ अपने बच्चों के लिए सर्वत्र एक सी होतीं है! 

ममता, वात्सल्य और प्रेम… इन्हीं धागों से वह अपने बच्चों के भविष्य के सपने बुनती है….

                                                     स्मित 

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